सुकमा पर क्यों हुए मौन हम

.......सुकमा पर क्यों  हुए मौन हम  .... प्रतिभा प्रसाद कुमकुम

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सुकमा पर क्यों हुए मौन हम
रक्त रंजित लाल देखकर मां है मौन
सदमे में अब बोलेगा कौन
कारण और निवारण सब जानते हैं
अमल में लाएगा कौन
आक्रोश को उबलने दो
तुफान के पहले की खामोशी
रचेगा नया इतिहास
आसुरी शक्ति प्रचंड
 शिखर पर चढ़ करे प्रहार
चाहे जितना करे
नर संहार का नर्तन
भोले शंकर के तांडव पर
सब हो जाएगा मौन
बस इंतजार है उस तांडव का
लाएगा न्याय दिलाएगा न्याय
सुकमा के उन शहीदों को
सुकमा पर इसीलिए सब हैं मौन
करने वाले कहते नहीं
सिंहनाद गर्जन कर देतें हैं परिणाम ।


🌹.    प्रतिभा प्रसाद कुमकुम जमशेदपुर।
          27.4.17.... सर्वाधिकार सुरक्षित ।