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ब्लैंक चेक

बेटा मेरा ब्लैंक  चेक है,
जब चाहे उसे भंजा लूँगी
सुन्दर सी दुल्हनिया लाकर 
घर उसका बसा दूँगी
बेटे ने तब पूछा मुझसे ,
ब्लैंक  चेक जब भंजा तुम्हारा 
क्या-क्या तुमको मिल पाया ,
मेरे लिए क्या-क्या है लाई 
यह भी तो बतला मुझको,
शील-गुण की भरी पिटारी 
सुन्दर बोली , सरल मनभावन ,
ऐसी सुन्दर दुल्हनिया लाई 
जीवन भर तेरा साथ निभाए ,
वंशबेल आगे बढ़ जाए 
झुन-झुनकर जब चलकर आए,
सूने घर को चमन बनाए
है जीवन की तेरी संगिनी 
ससुर की दुलारी सास की सलोनी 
पति की प्राणप्यारी देवर की भाभी 
है वह घर की कुलवधू 
प्रतिभा है सचमुच गुणों की
और है वह मेरी अभिलाषा की प्रतिमा |
                                                          प्रतिभा प्रसाद |